Headlines

आपसी सदभावना के संदेश से भरी है फ़िल्म “रेन्बो”: अली खान

आपसी सदभावना के संदेश से भरी है फ़िल्म “रेन्बो”: अली खान
रिपोर्टर
आमस (गया)
ग़ुलामी के दौर में फिरंगियों ने दो रंगों का अलगाव किया था. खुद को गोरा और हिंदुस्तानियों को काला. परन्तु आज़ादी के बाद हम हिदुस्तानी उनसे कई कदम आगे निकल गये. हमने तो हरे रंग को मुसलमान घोषित कर दिया, केसरी को हिंदू, लाल को इंक़लाबी, सफेद को वैधव्य तथा काले रंग को मातमी. उक्त बातें बन रहे टेली फ़िल्म “रेनबो” में अहमद किरदार निभा रहे फ़िल्म नगरी मुंबई से आये बॉलीवुड अभिनेता अली खान ने शतानंद गिरी कॉलेज में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. आगे उन्होंने कहा कि फ़िल्म रेन्बो आपसी सदभावना के संदेश से भरी है जो दर्शकों को खूब भायेगी. वहीं फ़िल्म लेखक व निर्देशक दिलावेज़ खान ने कहाँ कहा कि हमने फ़िल्म रेन्बो में अल्लाह के दिये सात रंगों को क़ौम और जाति में तेज़ी से बाँट रहे हैं. जब हम इकठ्ठा नही कर सकते तो बाँटने का भी कोई अधिकार किसी को नही है. फ़िल्म रेन्बो आज के आधुनिक समाज मे पनप रहे रंगों पर भेदभाव को मिटाने का संदेश देगी. जो रंगों को पहचान कर भविष्य में एकता का बीज बोने के संदेश पर आधारित है. इस मौके पर निर्माता विजय कुमार दत्त, शिशिर कुमार (गुड्डू)  कैमरामैन सुरेश प्रजापति, रोहित लाल यादव, कलाकार आशु खान, अमरेंद्र बिहारी, ज़ीशान आफरीदी, अंकित कुमार चंकी, असगर अली खान, वारिस अली खान, रंजन बाबा, संजय शाश्वत, इमरोज़ खान, राजेन्द्र आर्या, नीरज कुमार, बबलु कुमार, बीरेन्द्र गुप्ता, इस्माइल मिर्ज़ा, मिन्नत खान, शतानंद गिरी कॉलेज के प्राचार्य डॉ विजक रजक,  प्रोफेसर मदन मोहन, डॉ एम के तिवारी, पंकज कुमार, विल्सन, रितिक विश्वकर्मा, सिकन्दर, रुस्तम, चन्दन मिश्रा, राहुल मिश्रा समेत सैंकड़ों दर्शक मौजूद रहे.