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तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई कद्दावर राजनेता शाहिद अली खान के निधन से पूरे बिहार में शोक की लहर

तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई कद्दावर राजनेता शाहिद अली खान के निधन से पूरे बिहार में शोक की लहर

अशरफ अस्थानवी

तीन दशकों से बिहार की राजनीती में सक्रीय भूमिका निभाने वाले सात बार बिहार विधान सभा का प्रतिनिधित्व करने वाले कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों तथा बोर्ड और निगमों के पद को सुशोभित करने वाले कद्दावर राजनेता और समुदाय के सच्चे हितैशी शहीद अली खान के आकस्मिक निधन से पूरा बिहार शोक में डूबा है।
विदित हो कि शाहिद अली खान का कल रात 8ण्30 बजे ह्र्दय गति रुक जाने से अजमेर में निधन हो गया। आज उनका जनाजा अजमेर से विमान द्वारा पटना लाया जाएगाए विधान सभा में उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा जायेगा जहाँ महत्वपूर्ण लोग उनकी पार्थिव शरीर पर फूल अर्पित कर अपनी श्रधान्जली अर्पित करेंगे। उनका पार्थिव शरीर उनके गृह जिला सीतामढ़ी ले जाया जाएगा और 6 जनवरी को बाद नमाज़ जोहर उनकी नमाज़ ए जनाजा अदा की जाएगी तथा उन्हें अपने पारिवारिक क़ब्रिस्तान में पुरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्दे ए खाक किया जाएगा। उल्लेखनीय है की कल सुबह ही वे दिल्ली से अजमेर शरीफ के लिए रवाना हुए थे और हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की मजार की जियारत करने और फातिहा पढ़ने अजमेर गए थे। इसी बीच वे रात्रि विश्राम के लिए अजमेर शरीफ परिसदन में ठहरे थे 8 बजे रात्रि उनके सीने में दर्द की शिकायत महसूस हुई उन्हें चिकित्सा के लिए अस्पताल ले जाया जाने लगा लेकिन रास्ते में ही उनका निधन हो गया।
शाहिद अली खान के आकस्मिक निधन से राजनीतिक हलकों तथा अन्य वर्गों के लोग मर्माहित हैं कई लोगों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनके निधन को राज्य की राजनीती में अपूर्णीय क्षति करार दिया है।

राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शाहिद अली खान के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा। सीएम ने कहा कि शाहिद अली कुशल राजनीतिज्ञ एवं समाजसेवी थे। उनके निधन से सामाजिक एवं राजनीतिक जगत में अपूरणीय क्षति हुई है। हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा के राष्ट्रिय अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शाहिद अली खान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हमारा सीएम कंडीडेट चला गया। इच्छा थी कि अगर हम की बिहार में सरकार बनती तो शाहिद अली खान ही सीएम के कंडीडेट होते। मेरा तो आत्मबल ही टूट गया। पार्टी को उनकी निधन से अपूरणीय क्षति हुई है। इश्वर इनकी आत्मा को शांति दे और दुःख की इस घड़ी में उनके शोकाकुल परिवार को सहन शक्ति प्रदान करे।
मिर्दु भाषी साहित्य प्रेमी इश्वर अनुरागी अतिथि सत्यकार में लाजवाब शहीद अली खान के निधन से बिहार के राजनीती में जबरदस्त क्षति हुई है विशेष कर मुस्लिम राजनीती जो इस समय शून्य पर है ऐसे समय में शाहिद अली खान का इश्वर से जा मिलना बहुत ही दुखद है।
रहने को सदा दहर में आता नहीं कोई
तुम जैसे गए ऐसे भी जाता नहीं कोई
अल्लाह त आला मरहूम को जन्नत में आला मकाम अत करे