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मुस्लिम ख्वातीन और मर्दों का तीन तलाक़ कानून के खिलाफ मधुबनी में निकाला गया विशाल जुलूस, कई घंटे तक थम गया मधुबनी

मुस्लिम ख्वातीन और मर्दों का तीन तलाक़ कानून के खिलाफ मधुबनी में निकाला गया विशाल जुलूस, कई घंटे तक थम गया मधुबनी
मधुबनी- 13 मार्च ( कलीम अख्तर / संवाददाता स्टार न्यूज़ टूडे)
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पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज दिनांक 13 मार्च को दिन के 10 बजे मदरसा इस्लामिया, राघोनगर भौवारा से लाखों की संख्या में हास्पीटल रोड होते हुए जलधारी चौक रास्ते जिला समाहरणालय तक महिलाओं का मौन जुलूस हजरत मौलाना काजी हबिबुल्लाह एवं तमाम मकतबे फिक्र के उलेमाओं की सरपरस्ती में निकाला गया। यह मौन जुलूस मधुबनी के तमाम मुसलमानों की ओर से निकाला गया। महिलाओं का जमावरा मदरसा इस्लामिया के मैदान में हुआ। मैदान में सभा को संबोधित करते हुए महिलाओं बेनजीर ख़ालिद, तराना सिद्दीकी, रेहाना बानो, आलिया खुर्शीद, रखशिंदा जहाँ, रौनक परवीन, सबाहत रेहान आदि ने भारत सरकार से अविलंब तीन तलाक़ पर बनाया गया काला कानून वापस लेने की मांग की और सरकार को यह चेतावनी दी कि हमारी शरीयत में मुदाखलत अविलंब बंद करे। जान से बढ़ कर है हमारी शरीयत है। सरकार अगर मुस्लिम महिलाओं को वाकई हुकूक दिलाना चाहती है तो औरतों, मर्दों और मुस्लिम बच्चों को शिक्षा से जोङे साथ ही मुस्लिम मर्दों को रोजगार मोहैया कराए। सरकार  महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे। सरकार रोज रोज मुसलमानों को नए नए मामले में उलझा कर मुस्लिम समुदाय के विकास से भागती नजर आ रही है। सरकार अपने रवैये में बदलाव लाए और मुसलमानों को टारगेट बनाना बंद करे। मदरसा इस्लामिया के मैदान ही नहीं मधुबनी की सङके भी भीड़ के आगे छोटी पङ गई। भीङ का यह आलम था कि कई घंटे तक मधुबनी थमा रहा। जिला प्रशासन ने भी बढ़ चढ़ कर सहयोग किया। जुलूस में राजद विधायक फैयाज अहमद भी पेश पेश रहे। हुजूम का यह आलम रहा कि शहर में पाँव रखने तक का जगह नही बचा। जुलूस सभी मकतबे फिक्र के उलेमाओं की कयादत में निकाला गया। जुलूस में बङी संख्या में समाजी कारकुन, सियासी लीडरान, तमाम फलाही और मिल्ली तंजीमों के सरबराह, इमाम व खतीब, दानिशवरान, मदारिस के के जिम्मेदारों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। जुलूस की कामयाबी के लिए नौजवान कमिटी के जिम्मेदारों जिसमें इम्तेयाज अहमद पप्पू, अखलाक सिद्दीकी, अनायतुल्लाह खान, मुजफ्फर कमाल राशिद ने अपने अकाबिर और हजरत काजी हबिबुल्लाह साहब की कयादत में झोंक दी थी ताकत। जुलूस का नेतृत्व आॅल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम, मकसूद आलम पप्पु खान, मुफ्ती अबुजर, जकी अहमद, शाह इमादुद्दीन सरवर, असद नदवी, समिउल्लाह नदवी, शम्स तबरेज मलिकपूरी, राजा खान, कमरुलहोदा तमन्ना, शमसुलहक, परवेज हसन दानिश, शादाब मंज़र आदि ने की। अल्लाह ने जबर्दस्त कामयाबी से नवाजा। श्री नजरे आलम ने मधुबनी के तमाम मुसलमानों को मुबारकबाद देते कहा कि जिस तरह से लोगों ने अपनी हिमायत दी है सरकार को यकीनन बिल वापस लेने के लिए सोचना होगा। सभा के समापन के बाद मधुबनी जिला पदाधिकारी से महिलाओं का 8 सदस्यीय शिष्ठमंडल मिलकर ज्ञापन सौंपा जिसमें काजी हबिबुल्लाह, विधायक फैयाज अहमद, बेनजीर ख़ालिद, तराना सिद्दीकी, रेहाना बानो, आलिया खुर्शीद, रखशिंदा जहाँ, रौनक परवीन, सबाहत रेहान शामिल थीं।