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दीन बचाओ-देश बचाओ: दलितों को दोस्‍त बनाए मुस्लिम समाज- वली रहमानी |

दीन बचाओ-देश बचाओ: दलितों को दोस्‍त बनाए मुस्लिम समाज- वली रहमानी |
पटना ( संवाददाता / स्टार न्यूज़ टुडे  )
 मुस्लिमों की महत्वपूर्ण संस्था इमारत-ए-शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने संयुक्त रूप से पटना के गांधी मैदान में दीन बचाओ-देश बचाओ सम्मलेन का आयोजन करके मुल्क और तहजीब पर खतरा बताया। दलितों से हमदर्दी जताते हुए वक्ताओं ने मुस्लिमों को उनसे दोस्ती के लिए प्रेरित किया। केंद्र सरकार को कोसा और मुल्क की हिफाजत के लिए संघर्ष का एलान किया। कार्यक्रम का उद्घाटन अमीर-ए-शरीयत मौलाना वली रहमानी ने किया।
दबे-कुचले लोगों को एकजुट होने की अपील करते हुए रहमानी ने कहा कि मसला सिर्फ जानमाल का नहीं, बल्कि मुल्क और तहजीब की हिफाजत का है। हमने चार साल इंतजार किया कि भाजपा संविधान के तहत देश चलाना सीख जाएगी, लेकिन हमें बताना पड़ रहा है कि देश के साथ तहजीब पर भी खतरा है। मुसलमानों के पर्सनल लॉ पर भी हमला किया जा रहा है।
रहमानी ने केंद्र सरकार पर देश का दस्तूर बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि एससी-एसटी वर्ग पर हमले हो रहे हैं। संविधान खत्म करने की कोशिश हो रही है। दूसरे समुदाय के धार्मिक स्थलों को खत्म किया जा रहा है। जुल्म करने वालों का एक बड़ा वर्ग तैयार हो गया है। हालांकि रहमानी ने मुस्लिमों से सब्र से काम लेने की भी अपील की। कहा कि बिना वजह जोश में आना मसले का हल नहीं है, दिमाग से फैसला करना है। लंबी प्लानिंग करनी है। दोस्तों-दुश्मनों की पहचान करनी है। हमारा प्रयास नफरतों को खत्म करके कौमी एकता को मजबूत करना है।
राज्यसभा के पूर्व सदस्य एवं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य ओबैदुल्लाह खान आजमी ने केंद्र से रवैये में तब्दीली की मांग करते हुए कहा कि हिंसा और कुछ बेलगाम नेताओं के बयान से देश के मुसलमानों और दलितों में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है। सरकार को समाज में समानता बनाने की कोशिश करनी चाहिए। आजादी के लिए मुसलमानों ने भी शहादत दी है।
*जनता ने केंद्र को दिया तीन तलाक*
सम्मेलन में तीन तलाक से लेकर कानून व्यवस्था की स्थिति तक को कठघरे में खड़ा किया गया। मौलाना महफूज रहमानी ने कहा कि अररिया, फूलपुर और गोरखपुर में जनता ने केंद्र को तीन तलाक दे दिया है। आम चुनाव में इस मुल्क की जनता उन्हें सत्ता से बेदखल कर देगी। अबू तालिब रहमानी ने कहा कि लाखों मुस्लिम महिलाओं ने हस्ताक्षर करके केंद्र को सौंपा फिर भी तीन तलाक बिल को लाकर सारे मसले हल करने के दावे किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा जब सीमा पर फौज को नौजवानों की दरकार हो तो सरकार सिर्फ एक बार कह दे। हम अपने बच्चों को मदरसों से निकाल कफन पहनकर फ़ौज को सुपुर्द कर देंगे। इमारत-ए-शरिया के नाजिम अनीसुर रहमान कासमी ने कार्यक्रम को राजनीति से जोड़कर नहीं देखने का आग्रह किया।
*सियासी वजहों से शरीयत से खिलवाड़*
सम्मेलन में संकल्प जारी करके आरोप लगाया कि सियासी वजहों से हमारे धर्म और शरीयत से खिलवाड़ किया जा रहा है। हम सभी इसकी निंदा करते हैं। नेताओं ने कहा कि एक ओर सरकार महिला सुरक्षा की बात करती है तो दूसरी ओर मासूम बच्चियां भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्नाव और जम्मू की घटना की निंदा करते हुए कहा गया कि दोषियों को ऐसी सजा दी जाए कि फिर ऐसी घटना दोबारा नहीं हो। कार्यक्रम के संयोजक खालिद अनवर ने कहा कि सम्मलेन का उद्देश्य हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द को बहाल करना और हमारे दीन की रक्षा करना है।