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यूपी : सरकार की बैठक मे 15 प्रस्तावो पर कैबिनेट की मुहर

यूपी : सरकार की बैठक मे 15 प्रस्तावो पर कैबिनेट की मुहर
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स्टार न्यूज टुडे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में  15 प्रस्तावों पर मुहर लगी. बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सिंघाड़े को कृषि उत्पादन की सूची से बाहर करने पर फैसला लिया गया है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड के गठन पर मुहर लगी है। इस बोर्ड के अध्यक्ष खादी ग्रामोद्योग के मंत्री या फिर शासन द्वारा नामित व्यक्ति होगा।
शासन द्वारा नामित 10 लोग सदस्य होंगे। श्रीकांत शर्मा ने कहा कि पूर्वांचल एक्सरप्रेसवे के विभिन्न पैकेजों के ईपीसी पद्धति पर क्रियान्वयन के लिए चयनित निर्माणकर्ताओं को यूपी कैबिनेट का अनुमोदन मिला गया है। 6 लेन का यह प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेसवे 36 माह में तैयार होगा. इसकी लागत लगभग 23,349.37 करोड़ रुपए होगी।
 जो पूर्व सरकार द्वारा तय लागत से 1516 करोड़ रुपए कम है. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि किसानों को इसके लिए साढ़े छह हजार करोड़ रुपए का मुआवजा दे दिया गया है। ये पूर्वांचल एक्सप्रेस वे असल में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एक्सप्रेस वे है। श्रीकांत शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम, 1964 में संशोधन को यूपी कैबिनेट में मंजूरी दे दी गई है. अब सिंघाड़ा निर्दिष्ट कृषि उत्पाद की श्रेणी से बाहर होगा और इस पर लग रहा विकास सेस सिंघाड़ा उत्पादकों से नहीं लिया जाएगा।
 उत्तर प्रदेश में मोटरवाहनों के परमिट शुल्क में वृद्धि के लिए ‘उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली,1998’ में संशोधन को मंजूरी मिल गई है। उत्तर प्रदेश के 788 राजकीय (बालक/बालिका) इंटर कॉलेजों में इंटर कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रथम चरण में जनपद मुख्यालयों के 61 बालक व 69 बालिका राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए कंप्यूटर साइंस के प्रवक्ताओं की अनुबंध पर नियुक्ति की जाएगी।
गोरखपुर में विकास खंड पीपीगंज के गठन को निरस्त कर, विकास खंड भरोहिया के सृजन को यूपी कैबिनेट की स्वीकृति दी गई है. उन्होंने बताया कि निर्णय से लोगों तक सरकार की विकास योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने और विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। लोकतंत्र सेनानियों व उनके आश्रितों को प्रतिमाह दी जाने वाली सम्मान राशि में वृद्धि को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. अब लोकतंत्र सेनानियों व उनके आश्रितों को 15,000 रुपए से बढ़ाकर प्रति माह 20,000 रुपए सम्मान राशि दी जाएगी।
नई पेंशन 1 जुलाई 2018 से प्रभावी होगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के मृतक आश्रितों के सेवायोजन पर जुलाई 2003 से लगी रोक को शिथिल करने को यूपी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है. अब निगम में चालक/ परिचालक के पदों पर 587 मृतक आश्रितों को नियुक्ति प्रदान की जाएगी। गाजियाबाद में दिव्यांग व सामान्य छात्र-छात्राओं के लिए निर्माणाधीन विशेष माध्यमिक विद्यालय के काम में कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लि. की 20 करोड़ रुपए की मौजूदा लागत सीमा के शिथिलीकरण को यूपी कैबिनेट की स्वीकृति दी गई है।
 उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड के गठन को यूपी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. बोर्ड मिट्टी की उपलब्धता, माटीकला/शिल्पकला से संबंधित उद्योगों के विकास, कारीगरों के व्यवसाय में वृद्धि व मार्केटिंग के संबंध में नीतियां बनाएगा. खादी व ग्रामोद्योग मंत्री या शासन द्वारा नामित प्रतिनिधि इसके अध्यक्ष होंगे। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के विभिन्न श्रेणी के कार्मिकों का पुनरीक्षित वेतन मैट्रिक्स 1 जनवरी 2016 से अनुमन्य कर, उसका वास्तविक भुगतान 1 अप्रैल 2018 से किया जाएगा। वाराणसी में पीएसी की 34वीं वाहिनी की आवश्यकताओं के दृष्टिगत सेनानायक आवास, 300 व्यक्तियों की क्षमता वाले एक मल्टीपर्पज हॉल, सीवेज सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के निर्माण कार्यों के लिए 1049.82 लाख रुपए के संभावित व्यय को मंजूरी।
सारथी सॉफ्टवेयर आधारित स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस योजना के तहत परिवहन विभाग, एनआईसी व निक्सी के बीच 8 नवंबर 2012 में हुए त्रिपक्षीय अनुबंध का 1 वर्ष की अवधि के लिए विस्तार किए जाने को यूपी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है. यह विस्तार अनुबंध समाप्ति की तारीख 7 नवंबर 2017 से 1 वर्ष के लिए है। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)’ में निजी क्षेत्र की सहभागिता से प्रदेश में दुर्बल आय वर्ग के भवनों के निर्माण के लिए नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराए जाने हेतु दिशा-निर्देशों को मंजूरी। प्रदेश में निजी औद्योगिक पार्कों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिए डेवलपर्स को भूमि के क्रय पर, सर्किल रेट की 50% राशि के ब्याज पर 7 साल तक छूट दी जाएगी. ब्याज पर यह छूट प्रति वर्ष अधिकतम 50 लाख रुपए होगी।
वहीं आधारभूत ढांचे के निर्माण के लिए डेवलपर द्वारा लिए गए ऋण के 60% ब्याज का भुगतान सरकार करेगी. इस मद में सालाना अधिकतम 10 करोड़ रु. व 7 साल की अवधि में कुल 50 करोड़ रु. का भुगतान किया जाएगा. भूमि की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 100% की छूट भी दी जाएगी।